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November 01, 2022

The Tunnel By Ruskin Bond Summary In Hindi

The Tunnel Summary

The Tunnel, Ruskin Bond द्वारा लिखी गई एक छोटी सी कहानी है जो The Road to the Bazaar’ नाम के एक उपन्यास में प्रकाशित हुई थी, प्रकृति में शांति और कर्तव्य इस कहानी की दो प्रमुख विषय हैं जिन्हें इस कहानी में अच्छी तरह से दिखाया गया है। 

सूरज ट्रेन को सुरंग से गुजरते हुए देखना चाहता है, इसलिए वह देहरादून से एक छोटे से गाँव में साइकिल से आता है और वहाँ से वह एक पहाड़ी टीले तक चलता है। वह सुरंग के बाहर खड़ा होता है और जब ट्रेन वहां से गुजरती है और दूर चली जाती है, तो उसे जंगल की सच्ची शांति का एहसास होता है। ट्रेन जब जंगल से गुजरती है, तो उससे जो भाप निकलती है उसमें पेड़ ऐसे लगते है जैसे कांप रहे हों, और रेल की पटरियां कुछ देर तक हिलती रहती है।

वह सुरंग के अन्दर चलता है। सुरंग की सुरुआत मैं ही एक झोपड़ी होती है जिसमें सुरंग के चौकीदार सुंदर सिंह रहते हैं, उनका कर्तव्य है कि ट्रेन के गुजरने से पहले सुरंग की जाँच करें। वह इस काम को दिन में दो बार करता है, एक बार दिन की ट्रेन के लिए और दूसरी बार रात की ट्रेन के लिए जो नौ बजे सुरंग को पार करती है। सुंदर बताता है कि जंगल शहरों की तुलना में अधिक शांतिपूर्ण और सुरक्षित हैं। पिछली बार जब वह शहर गया था तो उसे लगभग एक मोटर ने कुचल ही दिया था। सूरज देखता है कि उसकी झोंपड़ी के आसपास कोई लोग नहीं है और कोई घर नहीं हैं। सूरज उससे पूछता है कि क्या उसे अंधेरे और जंगली जानवरों से डर नहीं लगता। चौकीदार उसे बताता है कि झोपड़ी के आस पास एक तेंदुआ रहता है जो बकरियों और कुत्तों का शिकार करना पसंद करता है, लेकिन इंसानों पर कभी उसने हमला नहीं किया।

अगली शाम सूरज चौकीदार के पास आता है। रात की ट्रेन से ठीक पहले, वे दोनों तेंदुए की कुछ आवाजे सुनते हैं। उन्हें उसकी जान बचाने के लिए तेंदुए को भगाना पड़ता है क्यों की अगर उन्होंने ऐसा न किया तो हो सकता है के वह ट्रेन से टकरा जाए और मर जाए। दोनों लालटेन और कुल्हाड़ी लेकर अंदर चले जाते हैं, क्यों की कभी ऐसा न हो के तेंदुआ उनपर हमला करदे। वहां पर वे तेंदुए की आवाज सुनते है और उसे भगाने के लिए सुरंग के अंदर चिल्लाते हैं, तो सुरंग में आवाजें गूँजती हैं जिससे ऐसा लगता है जैसे कि सैकड़ों मनुष्य एक साथ चिल्ला रहे हों। नतीजा यह हुआ कि तेंदुआ वहां से डर कर भाग जाता है।

एक हफ्ते बाद जब सूरज रात की ट्रेन में अपने पिता के साथ दिल्ली की यात्रा ट्रेन से कर रहा होता है, तो वह बूढ़े आदमी और उसकी झोपड़ी और उसकी लालटेन को बाहर लटका हुआ देखता है, जिसका अर्थ है कि उसने अपना आज का काम पूरा कर लिया है। सुरंग की जाँच की और रात के लिए वह अब सो चूका है। सूरज उस चौकीदार को धन्यवाद देता है जो दूसरों की खातिर अपने कर्तव्य का सख्ती से पालन करता है उनलोगों के लिए जो लोग ट्रेनों में हजारों की संख्या मैं मौजूद हैं।

Note: यहाँ पर Exam Point of view से इस Article को सिर्फ और सिर्फ अच्छे से समझने के लिए लिखा गया है. इसमें कोई गलती ना हो इसका पूरा पूरा ध्यान रखा गया है फिर भी अगर कुछ रह जाये या कुछ गलत तथ्य पाए जाये तो लेखक या Website owner इसका कतई जुम्मेदार नहीं है|  

October 31, 2022

Under the Banyan Tree by R. K. Narayan Story Summary

Under the Banyan Tree Summary

Introduction


“Under the Banyan Tree कहानी है भारत के एक छोटे से गाँव की जहाँ पर ज्यादातर लोग गरीब है लेकिन इसके बाद भी ये गाँव वाले बहुत से मानवीय गुण रखते है, जैसे के विनम्रता, विश्वाश, प्रेम, और इमानदारी. इस काहानी का मुख्य पात्र Nambi नाम का एक कहानी सुनाने वाला होता है जो गाँव वालो को अच्छी-अच्छी कहानिया सुनाता है, हालाँकि वह एक अनपढ़ इंसान है लेकिन उसकी कल्पनाए बहुत अच्छी हैं जो उसको कहानिया बनाने मैं मदद करती है और लोग इकठ्ठा होकर कहानिया सुनने के लिए उसके पास आते है|

बदले मैं गाँव वाले उसको खाना, कपडे और पैसे देते थे, सब कुछ अच्छा चलता रहता है लेकिन एक दिन बुढ़ापे की वजह से वह कहानी नहीं सुना पाता और अगले दिन भी वैसा ही होता है, वह कहानी याद करने की बहुत कोशिश करता है लेकिन कोई फायदा नहीं होता, उसका दिमाग उसके कंट्रोल से बाहर हो जाता है और उसकी कल्पना बिखर जाती है गाँव वाले निराश हो जाते है और वह अपने घर चला जाता है Nambi को लगता है के उसने अपनी कहानी सुनाने की कला को खो दिया है, उसे बहुत बुरा लगता है वह मायूस हो जाता है और कभी भी कहानी ना सुनाने का फैसला लेता है Nambi का आगे का जीवन ख़ामोशी मैं बीतता है लेकिन गाँव वाले उसको अकेला नहीं छोड़ते वे उसको लगातार खाना और उसके जरुरत का समान भेजते रहते है

Summary


Somal नाम का एक गाँव था जिसकी आबादी 300 लोगो से भी कम थी, गाँव में धूल और मिटटी उडती रहती थी, कोई भी उस गाँव मैं आने के लिए तय्यार नहीं था, सभी ऑफिसर वहां पर आने से बचते थे इसलिए उसकी स्तिथि भी कुछ खास अच्छी नहीं थी, यहाँ पर एक पानी का तालाब था जहाँ से लोग पीने के लिए, नहाने के लिए और कपडे धोने के लिए पानी लेते थे लेकिन इसी से उनको मलेरिया और Typhoid जैसे खतरनाक बीमारी भी मिलती थी, गाँव में टेढ़ी-मेढ़ी गलियाँ थीं और हर घर के पिछवाड़े में पानी जमा था। लोगो को कोई परवाह नहीं थी के उनके चारो तरफ क्या हो रहा है, कहीं तक इसका जुम्मेदार Nambi, भी था जो गाँव वालो को कहानिया सुनाता था और उसकी कहानिया उन लोगो को इतनी असली लगती थी के वो अपनी खुद की सच्चाई को भूल कर उसकी कहानियो में ही खुश रहते थे। ये कहानी उनको परियो के देश, और बहुत सी एसी ही जगह ले जाती थी। वह एक अतभुत कहानीकार था, उसकी आयु के बारे मैं सही बता पाना मुस्किल था. अगर कोई उसकी आयु जानने की कोशिश करता तो वह किसी ऐसी पुरानी घटना के बारे मैं बताता जैसे जब कोई बाढ़ आई थी या कोई सूखा पढ़ा था या किसी ने कहीं आक्रमण किया था वह जब पैदा हुआ था, यधपि वह एक अनपढ़ व्यक्ति था लेकिन उसको इश्वर का आशीर्वाद था के वह अपनी कल्पना से ऐसी-ऐसी कहानिया बना लेता था जो किसी को भी आश्चर्य मैं डाल सकती थी।

एक छोटे से मंदिर के सामने वह अपनी कहानिया सुनाया करता था, कोई नहीं जानता था के कब उसने उस मंदिर को अपना घर बनाया. उसके पास रखने के लिए कोई अधिक वस्तुए नहीं थी, कुछ धोती, कुछ कुरते और एक या दो धाडू मंदिर मैं लगाने के लिए, मंदिर के सामने एक बरगद का पेड़ था जिसके नीचे वह बैठा करता था. गाँव के लोग शाम के समय Nambi के पास आया करते थे और बरगद के पेड़ के नीचे बैठकर कहानिया सुना करते थे।कभी-कभी वह कहा करता था के वह ध्यान लगा रहा है ताकि देवी उसको नई कहानी सुनाने की शक्ति दे, वह अक्सर कहा करता था के उसकी कहानिया देवी का उसके लिए उपहार है जो उसे मिला है वर्ना कहानिया हवा में यूँही नहीं मिल जाती।

हर शुक्रवार की शाम के समय सभी गाँव वाले उस मंदिर में पूजा करने के लिए आया करते थे, Nambi मंदिर में देवी की मूर्ती के पास कई सारे लेम्प जलाया करता था, इस समय वह मंदिर के पुजारी की तरह काम किया करता था और देवी को फूल और फल चढ़ाया करता था| जब कभी भी Nambi के पास नई कोई कहानी होती थी तो वह बरगद के पेड़ के नीचे जलता हुआ लेम्प रख देता था जिससे लोगो को पता चल जाता थे के Nambi के पास एक और कहानी है सुनाने के लिए. गाँव वाले जल्दी जल्दी खाना खा कर वहां इकठ्ठा हो जाया करते थे। और Nambi अपने माथे पर राख और संदूर लगा कर मंदिर के सामने एक पत्थर पर, पेड़ के नीचे बैठ जाया करता था।

Nambi अपनी कहानी को बड़े ही दिलचस्प तरीके से सुरु करता था, वह लोगो से सवाल पूछता था और राजा, रानिओ और उनके राज्य की बारे बाते करता था, Nambi हर एक छोटी से छोटी चीज़ को बड़ी ही बारीकी से बताता था जेसे महल और उनकी दीवारे पर बने सुन्दर कला और चित्र और राजा के दरबार मैं रहने वाले संगीतकारों के गाए हुए गानों को वो स्वम गा कर सुनाता था. वह कहानी को इस  तरह सुरु करता था के उसको पूरा करने मैं कई दिन का समय लग जाता था, पहला दिन तो कहानी को सैट करने मैं लग जाता था, जैसे के कहानी किस देश की है और उसमे कौन सा चरित्र कौन है, कहानी के दुसरे हिस्से मैं Nambi कहानी को अपनी आवाज को ऊँचा और नीचा करके सुनाता था जिससे उसकी कहानी और अधिक सच लगती थी और अधिक परभावि हो जाती थी| कहानी मैं एक ऐसा संसार बन जाता था जहाँ पर गाँव वाले भावुक होकर अलोकिक शक्ति, परी, जादूगर के संसार से जुड़ जाते थे, और एक एसा अनुभव करते थे जो उन्होंने अपने जीवन मैं कभी नहीं किया होता है और जब कहानी का अंत हो जाया करता था तब सब मंदिर मैं देवी को परनाम करके अपने अपने घर चले जाते थे।

सामान्यत: Nambi हर एक नये चाँद के निकलने के साथ एक नई कहानी के साथ तय्यार रहता था, उसने कभी भी एक कहानी को दुबारा नहीं सुनाया. यह काम Nambi का कहानी सुनाने का सालो साल ऐसे ही चलता रहा लेकिन एक दिन, उसने जब लेम्प जलाया और उसके कहानी सुनने वाले इकठ्ठा हो जाते है और वह कहानी सुनाना सुरु कर देता है ये कहानी रजा विक्रमादित्य और उसके एक मंत्री के बारे मैं होती है लेकिन अचानक से ही वह खामोश हो जाता है वह दोबारा अपने शब्दों को दोहराता है लेकिन उसकी आवाज साफ़ नहीं होती, वह थोड़ी देर थोडा सोचता है फिर दोबारा देवी से प्राथना करता है, उसे आश्चर्य है के केसे वह वह अपनी कहानी को भूल गया ये एक ऐसा अनुभव था जिसने Nambi को दुखी कर दिया था और जो भी लोग वहां पर कहानी सुनने के लिए बैठे हुए थे वे सब खुद परेशान थे के ये क्या हो रहा है सभी आपस मैं बात करने लगे Nambi को अब एहसास हो रहा था के अब वह बूढा हो रहा है उसने देखा के सभी लोग जा चुके है उसके दोस्त Mari को छोड़ कर, Nambi उसे बताता है के उसके दिमाग ने उसका कहना मानना बंद कर दिया है और वह अपने आप से निराश है

अगले दिन उसने फिर से पेड़ के नीचे लैंप जलाया और फिर से गाँव वाले वहां पर इकठ्ठा हो गये, Nambi ने पुरे दिन देवी की पूजा की थी के देवी उसको अकेला न छोड़े, उसने दोबारा से कहानी को सुरु किया और सुनाता गया एक घंटा हो चूका था उसने देवी को धन्यवाद दिया लेकिन कुछ देर के बाद वह फिर से चुप हो जाता है और शब्दों को तलाशने लगता है लेकिन आगे कहानी नहीं सुना पाता, सभी लोग ख़ामोशी से उढ़कर अपने अपने घर चले जाते है Nambi गाँव वालो को कोई दोष नहीं देना चाहता था, दो दिन के बाद उसने फिर से कोशिश की और बस कुछ ही मिनट कहानी सुना पाया अब लोगो ने लेम्प को अनदेखा करना सुरु कर दिया था Nambi को ऐसा लग रहा था के उसे पहले ही मर जाना चहिये, इसके बाद Nambi ने अपने आपको मंदिर के अन्दर वाले हिस्से मैं बंद कर लिया और बहुत ही कम खाना खाने लगा और ध्यान लगाने लगा।

जब अगला नया चाँद दिखाई दिया Nambi ने फिर से लेम्प जलाया, बस कुछ ही गाँव वाले आए वो एक नई कहानी सुनने की उम्मीद मैं थे लेकिन आखिर मैं कहानीकार ने कहानी सुनाने से इनकार कर दिया था जब तक के पूरा गाँव एक साथ पहले की तरह इकठ्ठा नहीं होता, अगले दिन Nambi खुद गाँव मैं गया लोगो को ये बताने के लिए के उसके पास एक  बहुत ही अच्छी कहानी है सुनाने के लिए सभी को ये कहानी सुननी चाहिए. लोगो को इस बात की ख़ुशी हुई के Nambi फिर से कहानी सुना सकता है और एक फिर से पुरे गाँव के लोग पेड़ के नीचे काहनी सुनने के लिए आ गये लेकिन कहानी सुनाने के बजाए Nambi ने यह कहा की वह एक बेकार और बेवकूफ बूढा हो चूका है जिसने अपना कहानी सुनाने का देवी का उपहार खो दिया है क्यों के देवी किसी को भी कोई भी उपहार दे भी सकती है और ले भी सकती है| उसने गाँव वालो को यह भी बताया के कोई भी फूल उसकी खुशबु के बिना बेकार होता है और ऐसे लेम्प का कोई फायदा नहीं होता जिस लैम्प में तेल नहीं होता, आखिर में उसने कहा के ये उसके अंतिम शब्द है और यही उसकी कहानी है और वह वहां से उठता है और अन्दर अपने कमरे मैं चला जाता है।

गाँव वाले आश्चर्य मैं थे और समझ नहीं पाए के ये क्या हो रहा है जब कुछ लोग मंदिर के अन्दर गये और उन्होंने उससे पुछा के क्या उसके पास अब कुछ और सुनाने के लिए नहीं है, Nambi इस बात पर खामोश रहा और उसने इशारा किया के वह अपने अंतिम शब्द बोल चूका है इसके बाद उसने खाना खया और वहां से चला गया, उसने इससे अधिक किसी से और कुछ नहीं माँगा, चारो तरफ सन्नाटा छा गया, इस तरह लेखक ये कहने की कोशिश करता है के जब अक कलाकार अपनी कला को खो देता है तो उसका जीवन से सब कुछ समाप्त हो जाता है। एक समझदार कलाकार को अपने जीवन मैं समय रहते ही खामोश हो जाना चाहिए


Note: यहाँ पर Exam Point of view से इस Article को सिर्फ और सिर्फ अच्छे से समझने के लिए लिखा गया है. इसमें कोई गलती ना हो इसका पूरा पूरा ध्यान रखा गया है फिर भी अगर कुछ रह जाये या कुछ गलत तथ्य पाए जाये तो लेखक या Website owner इसका कतई जुम्मेदार नहीं है|


October 30, 2022

The Lost Child Summary by Mulk Raj Anand

The Lost Child Summary

The Lost Child एक छोटी कहानी है जो Mulk Raj Anand ने लिखी थी, ये कहानी एक छोटे बच्चे के बारे मैं है, जो एक बार मेले मैं खो जाता है| कहानी दिखाती है के वह किस तरह अपने परिवार से छूट जाता जाता है.

यह एक वसंत ऋतु का मेला था जो एक गाँव में लगा हुआ था एक बहुत बड़ी भीड़ इकठ्ठा होकर इस त्यौहार पर मेले मैं जा रही थी, हर तरह के लोग यहाँ थे सब के सब ने अपने अलग अलग रंग और style के कपडे पहने हुए थे, कुछ गरीब थे कुछ अमीर थे, ये भीड़ कसबे से गाँव की तरह को बढ़ रही थी,

इस कहानी का मुख्य पात्र एक छोटा बच्चा है, वह भी अपने परिवार के साथ मेला देखने के लिए जा रहा था लेकिन रास्ते में खिलोनो की दूकाने उसको अपनी और आकर्षित कर रही थी, उसके दिल की इच्छा थी के वह उन सब खिलोनो से खेल सके लेकिन उसके पिता उसे सख्ती से मना कर देते है, लेकिन उसकी माँ उसे प्यार से समझती है और उसका ध्यान कहीं और लगाने की कोशिश करती है


The Lost child

जब उसे खेलने के लिए खिलौना नहीं दिलाया गया तो वह अपने सामने सरसों के खेतों को देखता है  जिनमे फूल खिले हुए है और जमीन पीले रंग से रंगी हुई सी लग रही है, ये नजारा देख कर वह बच्चा बहुत ही खुश होता है, चारो तरफ प्राक्रतिक सुन्दरता फैली हुई थी, बच्चा ये सब देख कर बहुत ही खुश था अब वह खिलोनो से खेलने की अपनी इच्छाओ को भूल गया था, वह वहां पर खेलने लगता है शेतानिया करता है, खेतों मैं घुस जाता है वहां पर छोटे-छोटे कीड़ो से खेलता है. तितलियों के पीछे भागता है, ये सब उसके लिए किसी खिलोने से ज्यादा अच्छी थीं, लेकिन माँ उसका लगातार ध्यान रख रही थी, और उसको बार-बार अपने पास बुलाने और दूर न जाने के लिए कह रही थी, बच्चा भी कुछ दूर जाता और फिर दोबारा से भाग कर अपने माँ बाप के पास आ जाता था, लेकिन फिर वहां पर उसको कुछ मिल जाता फिर से वह उसमे लग जाता, माँ फिर से उसे आवाज देकर बुलाती के तुम्हे ज्यादा दूर नहीं जाना चाहिए, बच्चे के माँ बाप एक पानी के कुंवे के किनारे पर बैठ जाते है कुछ देर के लिए | वहां एक बड़ा सा बरगद का पेड़ था,

आगे रास्ते में उनको मिठाई की दुकान मिलती है जिसे देखकर बच्चे के मुह मैं पानी आ जाता है लेकिन उसको पता है के अगर वह मिठाई खाने की इच्छा को ज़ाहिर करेगा तो उसको डाट पड़ेगी इसलिए वह सिर्फ धीरे-धीरे कहता है के मुझे मिठाई चाहिए और आगे के तरफ चलने लगता है, इसके बाद वहां पर एक फूलो की माला बेचने वाला होता है बच्चा उसको भी लेना चाहता है लेकिन उसके पिता की गुस्से भरी आँखों को देखकर वह चुप हो जाता है, बाद मैं उसको एक गुब्बारे वाला दिखाई पढता है, और वह एक रंगीन गुब्बारा खरीदना चाहता है लेकिन उसको पता है के अगर वह इसके लिए कहेगा तो उससे कहा जाएगा के वह अब इतना छोटा नहीं जो गुब्बारे से खेले इसलिए वह चुप होकर आगे बढ़ जाता है

आगे रास्ते मैं उसको एक सपेरा मिलता है जो बीन बजा रहा होता है वह बच्चा नाग का खेल देखना चाहता है लेकिन वह अपनी सीमाए जानता है और आगे बढ़ जाता है, आगे वह एक बड़े से झूले के पास आ जाता है और उसको तेज़ी से घूमता हुआ देखता है, वहां पर बहुत से लोग होते है, ओरतें होती है बच्चे होते है जो उस झूले मैं झूल रहे होते है

इस बार उसकी समाए जवाब दे देती है और वह और नहीं रुक सकता उसको झूले मैं झूलना है इसके लिए वह अपने पिता से आग्रह करना चाहता है के वह एक बार उसे झूले मैं झूलने दें लेकिन जैसे ही वह पीछे मुड़ता है उसको उसके माँ बाप नहीं मिलते अब वह पूरे मेले की भीड़ मैं अकेला हो जाता है|

बच्चा बहुत डर जाता है उसको नहीं पता उसे अब क्या करना है सिवाए जोर जोर से रोने के और इधर-उधर भागने के, वो अपने माँ बाप को इधर-उधर तलाश करने की कोशिश करता है, उसकी आँखों से आंसू निकलने लगते है, उसकी सर पे बंधी हुई पगड़ी खुल जाती है और उसके सारे कपडे मिटटी मैं हो जाते है, वह जोर-जोर से चिल्लाता रहता है लेकिन कोई उसकी मदद नहीं करता, सारी भीड़ अपने-अपने कामो मैं लगी हुई होती है.

वह बहुत थक जाता है, थोड़ी देर रोना बंद करता है आंसू पोछता है सिर्फ दोबारा रोने के लिए, वह अपनी माँ के और पिता के लिए लगातार रोता रहता है इस उम्मीद मैं के वह उसकी आवाज सुनलें और उसे लेने के लिए आ जाए, वह एक मंदिर तक पहुंचता है लेकिन वहां पर बहुत भीड़ होती है वह भीड़ से होता हुआ आगे बढ़ने की कोशिश करता है और अपना रास्ता लोगो की टांगो के बीच से बनाने की कोशिश करता है लेकिन भीड़ इतनी है के लोग उसे आगे बढ़ने नहीं दे रहे है , बच्चा गिर जाता है, लेकिन तभी एक अच्छा इंसान उस बच्चे की मदद करता है और उसे गोद मैं उठाकर उसको चुप करने की कोशिश करता है

वह व्यक्ति उसकी मदद करना चाहता है वह उससे पूछता है के तुम्हारे माँ बाप कहाँ है लेकिन बच्चा केवल और जोर से चिल्लाता है वह सिर्फ इतना कहता है के मुझे मेरी माँ चाहिए मुझे मरे पिता चाहिए| वह व्यक्ति उसको चुप करने के लिए मेले में अन्दर ले आता है और उसको झूला झूलने के लिए कहता है लेकिन बच्चा मना कर देता है,

वह व्यक्ति उसका ध्यान कहीं और लगाना चाहता है इसलिए वह उसे सपेरे के पास ले जाता है जहाँ पर वह सांपो का खेल दिखा रहा होता है लेकिन वह बच्चा अपना मुह मोड़ लेता है और जोर जोर से रोता है फिर वह व्यक्ति उसको गुब्बारा देने की कोशिश करता है लेकिन वह भी उस बच्चे को अब और नहीं चाहिए, उसे अपने माँ और पिता चाहिए.

आखिर मैं वह व्यक्ति उसको मिठाई वाले की दूकान पर ले जाता है और उसको मिठाई देने की कोशिश करता है लेकिन बच्चा उनसे भी मुह मोड़ लेता है और, रोते हुए कहता है मुझे मरी माँ चाहिए मुझे मरे पिता चाहिए| और कहानी का अंत यहीं पर हो जाता है 

Note: यहाँ पर Exam Point of view से इस Article को सिर्फ और सिर्फ अच्छे से समझने के लिए लिखा गया है. इसमें कोई गलती ना हो इसका पूरा पूरा ध्यान रखा गया है फिर भी अगर कुछ रह जाये या कुछ गलत तथ्य पाए जाये तो लेखक या Website owner इसका कतई जुम्मेदार नहीं है|

Necklace by guy de Maupassant Book Summary in Hindi

Necklace by guy de Maupassant Summary


Mathilde Loisel एक सुन्दर और आकर्षित ओरत है लेकिन उसको लगता है के वो एक गरीब घर मैं पैदा हो गयी है, उसकी शादी शिक्षा मंत्रालय में एक छोटे पद पर तैनात एक लिपिक (Clerk) से हुई थी, वह सिर्फ उसको जरुरी चीज़े ही दे सकता था| Mathilde को अपनी गरीबी एक बोझ की तरह महसूस होती थी, उसे अपने जीवन के लिए बहुत पछतावा था और वह घंटो पैसे खर्च करने की कल्पना करती रहती थी जबकि उसका पति अपनी ख़ुशी को छोटी छोटी चीजों के लिए ज़ाहिर करता था जैसे सामान्य सा खाना खाने के बाद भी वह खुश रहता था जो खाना उसकी पत्नी Mathilde उसके लिए बनाती थी लेकिन Mathilde बड़ी-बड़ी दावतों के सपने देखा करती थी जिसमे बड़े-बड़े धनि व्यक्ति आये और वह उनके साथ खाना खाए, उसके पास कोई भी अच्छे कपडे और गहने नहीं थे| उसकी एक अमीर मित्र थी जिसका नाम था Madame Forestier.

एक रात, उसका पति जब अपने घर लौटता है तो उसके पास एक पार्टी का invitation card होता है Ministry of Education की तरफ से, उसे लगता है के उसकी पत्नी ये खबर सुनकर बहुत खुश होगी क्यों की उसको इस तरह की बड़ी पार्टी मैं जाने का मोका जो मिलने वाला है, लेकिन इसके बजाए वह गुस्सा हो जाती है और रोने लगती है और उससे कहती है के वह पार्टी मैं नहीं जा सकती क्यों के उसके पास पहनने के लिए अच्छे कपडे नहीं है और वह यह invitation card अपने किसी ऐसे दोस्त को देदे जिसकी पत्नी के पास पहनने के लिए अच्छे कपडे हों, उसकी यह बात सुनकर उसका पति दुखी हो जाता है और उससे पूछता है के अच्छे कपडे कितने के आते है वह उसको सोच समझकर जवाब देती है के 400 francs काफी होंगे ठीक-ठाक कपडे खरीदने के लिए, उसके पति को यह अमाउंट अधिक तो लगता है लेकिन फिर भी वह उसे यह देने के लिए राजी हो जाता है




जैसे ही पार्टी का दिन पास आता है , Mathilde अजीब व्यवहार करने लगती है, जब उसका पति उससे इसकी वजह पूछता है तो वह जवाब देती है के इसकी वजह सिर्फ यह है के उसके पास पहनने के लिए कोई गहना नहीं है Monsieur Loisel उसका पति उससे कहता है के वह flowers को पहन सकती है लेकिन वह इनकार कर देती है, फिर वह Madame Forestier के पास जाता है जो एक अमीर औरत है उससे कुछ उधार पहनने के लिए लेके आता है. वह एक हीरो का हार होता है, वह Madame Forestier की बहुत तारीफ़ करती है और उसे धन्यवाद देती है

पार्टी के समय, Mathilde ही सबसे सुन्दर ओरत होती है वहां पर सभी उसको देखते है, सभी उसकी तारीफ करते है, लेकिन जब सुभाह के चार बज जाते है तब वह अपने पति को देखती है के वह कहाँ गया बेचारा Monsieur Loisel अलग किसी कमरे मैं घंटो से सोया हुआ होता है लेकिन अपनी पत्नी को देखकर उठ जाता है, बाहर बहुत अधिक ठंड होती है जिसकी वजह से वह एक कपडा अपनी पत्नी के कंधो के ऊपर डाल देता है उससे यह पसंद तो नहीं आता लेकिन ठंड की वजह से उसके पास इसके अलावा कोई रास्ता भी नहीं था और वे दोनों वापस घर आ जाते है

घर आने के बाद Mathilde जब वह कपडा अपने गले से निकालती है तब उसे पता चलता है के उसका वह हीरो का हार अब उसके गले मैं नहीं है, यह देखकर दोनों डर जाते है, दोनों उसको तलाश करने लग जाते है लेकिन वह हार कहीं नहीं मिलता. तब हार थक कर वह अपनी पत्नी से कहता है के वह Madame Forestier को एक पत्र लिखे के उसका हार टूट गया है और वह उसको सही करा के जल्दी ही दे देंगे

एक हफ्ते तक दोनों उसी हार को तलाश करते रहते है एक हफ्ते के बाद Monsieur Loisel कहता है के वह उस हार के बदले कहीं से वैसा ही दूसरा हार लाकर उसको दे देंगे, इसके लिए वे दोनों कई सारी सुनार की दुकानों पर जाते है और आखिर मैं उनको वैसा ही एक हार मिल जाता है, लेकिन उसकी कीमत 40,000 francs होती है लेकिन दूकानदार उनको वह 36,000 मैं देने के लिए तय्यार हो जाता है Monsieur Loisel एक हफ्ते मैं हर एक संभव तरीके से पैसे इकठ्ठा करके आखिर मैं वह हार खरीद लेता है और अपनी पत्नी से Madame Forestier को वह हार लौटाने के लिए कहता है उसकी पत्नी वह हार Madame Forestier को लौटा देती है, उसको अजीब जरूर लगता है के उनको इसे लौटाने मैं इतना समय क्यों लगा लेकिन वह उसको बिना खोले ही रख लेती है और इससे Mathilde की जान मैं जान आती है

अब उन दोनों का जीवन पहले से भी अधिक गरीबी मैं गुजरने लगा, उन्होंने अपने नोकर को हटा दिया और खुद एक छोटे से घर मैं आकर रहने लगे, Monsieur Loisel तीन-तीन जगह काम करने लगा, और Mathilde पूरा दिन घर पर मेहनत का काम करने लगी, उनके जीवन मैं यह तंगी दस साल तक रही लेकिन दस साल के बाद उन्होंने अपना सारा कर्जा चुका दिया था, Mathilde की सुन्दरता अब जा चुकी थी वह अब सामान्य दूसरी ओरतों जैसे ही दिखने लगी थी, अपनी इस महनत भरे जीवन से दोनों टूट चुके थे,

एक बार Sunday के दिन जब वह बाहर घूमने के लिए गयी हुई थी Mathilde को Madame Forestier मिली. दोनों आपस मैं बाते करना सुरु कर देते है, Madame Forestier उसको नहीं पहचानती लेकिन जब Mathilde अपनी पहचान बताती है, तो Madame Forestier को यकीन नहीं होता के वह इतनी बदल गयी है अब, Mathilde भावुक हो जाती है और अपनी सारी दुखभरी कहानिया उसको सुना देती है के किस तरह उस हार को खरीदने के लिए और उसका कर्ज चुकाने के लिए उनको कैसी जिंदगी जीनी पड़ी, और आखिर मैं Madame Forestier यह सुनकर हस्ती है और बताती है के जो असली हार था वह तो बस एक नकली हार था, जिसकी कीमत कुछ नहीं थी, और इसी के साथ कहानी का अंत हो जाता है




Note: यहाँ पर Exam Point of view से इस Article को सिर्फ और सिर्फ अच्छे से समझने के लिए लिखा गया है. इसमें कोई गलती ना हो इसका पूरा पूरा ध्यान रखा गया है फिर भी अगर कुछ रह जाये या कुछ गलत तथ्य पाए जाये तो लेखक या Website owner इसका कतई जुम्मेदार नहीं है|




October 29, 2022

The Lament by Anton Chekhov summary In Hindi

Summary of The Lament by Anton Chekhov


यह कहानी एक पिता की है जो अपने बेटे की मौत पर दुखी है| उसकी मौत के बाद वह इतना अकेला हो जाता है के उसका दुःख बाटने के लिए उसके पास कोई नहीं होता वह अपने दुःख के बारे मैं बात करना चाहता है लेकिन उसके जीवन मैं कोई ऐसा नहीं है जो उसको थोड़ी देर सुन सके, 
यह कहानी एक ऐसे बूड़े इंसान के बारे मैं है जिसे किसी का साथ चाहिए लेकिन उसका कोई नहीं है सिवाय उसके घोड़ी के. 

रात का समय होने वाला है, पहले ही अँधेरा आ चूका है रात मैं सफ़ेद बर्फ की चादर चमक रही है, बहुत से लोगो की चलने की आवाजे आ रही है लेकिन अँधेरा इतना है की किसी को देख पाना बहुत ही मुश्किल है| Iona Potapov एक बूढा आदमी है जिसकी कमर उसकी आयु की वजह से झुक गयी है वह अपने घोडा गाड़ी पर इस तरह बैठा हुआ है जैसे के कोई भूत बैठा हो बिना हिले-डुले वह अकेला है और दुखी है, उसकी जिंदगी का अँधेरा उसके आस पास के अँधेरे से ज्यादा काला है| ऊपर से बर्फ गिर रही है और उसके ऊपर एक सफ़ेद चादर सी छा गयी है|
The Lament

पहला यात्री आता है वह एक आर्मी का मेम्बर है उसे अपनी घर जाने की जल्दी है, . Iona Potapov बूढा है और थका हुआ है जबकि ऑफिसर एक जवान और फुर्तीला आदमी है, ऑफिसर हल्का फुल्का मजाक करता है और . Iona उससे बात करने की कोशिश करता है लेकिन ऑफिसर थका हुआ है  तो वह अपनी आँख और कान बंद करके घोडा गाड़ी मैं बैठता है और उसका कोई इरादा नहीं है के वो Iona की कोई भी बात सुने लेकिन Iona बोलता जाता है




अगली बार तीन यात्रिओं का ग्रुप आता है ये सभी जवान हैं खुश है जिन्हें दुनिया से कुछ लेना देना नहीं है वे सब अपने आप मैं ही खुश है वे ऐसा व्यवहार करते हैं जैसे वे नशे में हों| उनमें से एक की कमर झुकी हुई है फिर भी वह अपने आपको दूसरे बूढों से अधिक अच्छा समझता है जो बूढ़े दुःख से परेशान होते है| ये सब लड़के Iona की किसी बात को सुनने के लिए तय्यार नहीं है जो उन्हें अपने बेटे की मौत के बारे मैं कुछ बताना चाहता है | बूढ़ा आदमी शांत स्वभाव का है और अपनी घोड़ी के प्रति दयालु है; वह उसको तेज़ चलने के लिए नहीं मारता, Iona उन्हें मौज मस्ती करते हुए देख कर खुश है लेकिन ये जवान लोग उस बूढ़े का दुःख नहीं देख सकते है, न तो वह ऑफिसर और न ही ये जवान लडको का ग्रुप Lona के दुःख को पहचान पाया है

यह बूढ़ा अकेला है। उसका दुःख इतना अधिक है के अगर उसका दिल दुःख से फट जाये तो पूरी धरती पर उसका दुःख छा जाए लेकिन इसकी विशालता अनदेखी है; और इसको कोई नहीं समझ सकता है Iona उन दोस्तों को तरसता है जिनके साथ वह बात कर सके । जब उसकी गाडी में यात्री होते है तो उसे लगता है के जैसे उसका दर्द बाटने के लिए कोई हो लेकिन जब वो भीड़ मैं होता है तो उसे यह एहसास होता है के भीड़ उसकी साथी नहीं है

एक जवान कैब ड्राइवर से बात करने का एक और उसका प्रयास बेकार हो जाता है, वह अकेला है लेकिन उसका एक मात्र साथी उसकी घोड़ी है वह अपनी घोड़ी से बाते करता है और अपने दुःख को अपनी घोड़ी को सुनाता है पहली बार वो अपने बेटे का नाम लेता है Kuzma Ionitch जो अब यहाँ पर नहीं है उससे पहले कब्र मैं चला गया है Iona अपनी उस घोड़ी से पूछता है के उसे कैसा लगता अगर उसका कोई बछड़ा मर गया होता, “क्या तुम्हे इसका पछतावा नहीं होता” लेकिन घोड़ी कोई जवाब नहीं देती वह बस एक लम्बा साँस लेती है लेकिन जिस तरह वह जानवर Iona को देखता है, उससे यह पता चल जाता है के Iona को उसका साथी मिल गया है अब उसे अपने दुःख के बारे मैं बात करने के लिए कोई मिल गया है

क्या घोड़ी ध्यान दे रही है? क्या वह समझदार है? कहानी के अंत को जानबूझ कर खुला छोड़ दिया गया है लेकिन एक सन्देश इस कहानी से जरूर दिया गया है के इंसान एक दूसरे के दुःख से बिलकुल बेखबर है

Note: यहाँ पर Exam Point of view से इस Article को सिर्फ और सिर्फ अच्छे से समझने के लिए लिखा गया है. इसमें कोई गलती ना हो इसका पूरा पूरा ध्यान रखा गया है फिर भी अगर कुछ रह जाये या कुछ गलत तथ्य पाए जाये तो लेखक या Website owner इसका कतई जुम्मेदार नहीं है| 

October 28, 2022

The Last Leaf by O. Henry Summary In Hindi

The Last Leaf summary


इस कहानी में दो Female Artists है जिनका नाम Sue और Joanna है जो Johnsy के नाम से जानी जाती हैं वे दोनों GreenWish नाम के गाँव मैं New York मैं रहती है और जहाँ वह दोनों रहती है वहां पर और भी Artists रहते हैं|

एक बार सर्दियों मैं Johnsy को Pneumonia की बिमारी हो जाती है और ऐसा लगता है के वह अब बच नहीं पायेगी. डॉक्टर Sui से अकेले मैं यह बात बताता है के उसके बचने की उम्मीद सिर्फ 10% है लेकिन अगर कुछ ऐसा हो जो जीने के लिए वो चाहती हो तो वो उसको जिन्दा रहने की शक्ति दे सकता है और वह ठीक हो सकती है| डॉक्टर Sui से पूछता है के ऐसा तो नहीं के के Johnsy के जीवन मैं कोई आदमी हो जिसे वह प्रेम करती हो तो sui कहती है के ऐसा उसके जीवन मैं कोई नहीं है|



Johnsy स्वम ये विश्वास करती है के वह तब मर जायगी तब इस साल Ivy बेल की आखरी बत्ती उसकी खिडके के बहार गिर जाएगी. उसने मान लिया था के वह अब मरने वाली है इससे Sue बहुत ही परेशान थी क्योंकि वो अपनी मित्र को बचाना चाहती थी

Sue और Johnsy अपने घर के सबसे ऊपर के apartment मैं रहती थी, और नीचे जमीन पर एक आदमी रहता था जो एक Artist था और उसका नाम Behrman था, उसकी आयु लगभग साठ साल की थी. उसकी दाड़ी Michelangelo की famous मूर्ती Moses के जैसी थी वह हमेशा अपनी सबसे अच्छी कला को बनाने के बारे मैं बात करता रहता था लेकिन उसने अभी तक ऐसा कुछ किया नहीं था असल में देखा जाये तो वह एक नाकाम कलाकार था|

जब Sue, Behrman को Johnsy के विश्वाश के बारे मैं बताती है तो वह इस बात का मजाक उडाता है लेकिन जब Sue उससे, अपने लिए Pose के लिए कहती है तो वह तय्यार हो जाता है

The Last Leaf

अगले दिन Johnsy खिड़की से परदे उठाने के लिए Sue से कहती है क्योंके वह देखना चाहती है के Ivy बेल का आखरी पत्ता गिर गया है या नहीं लेकिन जब पर्दा हटाया जाता है तो देखते है के आखरी पत्ता अभी भी उसी बेल पर लगा हुआ है, दिन से रात हो जाती है लेकिन पत्ता नहीं गिरता, Johnsy, Sue से माफ़ी मागती है क्यों के उसको एहसास होता है के वह कितनी खुदगर्ज थी क्यों के वह इस तरह मरना चाहती थी. वह ये अनुमान लगाती है के इस बेल का आखरी पत्ता ये दिखता है के वह अभी मरने के लिए तय्यार नहीं अहि

डाक्टर Johnsy को देखने के लिए आता है और कहता है के उसकी सेहत अब पहले से बहुत अधिक अच्छी है. इसके बाद वह Behrman से नीचे मिलने के लिए आता है, जो बहुत बीमार हो गया है Pneumonia से ही और वह जल्दी ही मरने वाला है| आखिर में sue, Johnsy को बताती है के Berhman ने एक painting बनाई थी ivy बेल के पत्ते की और उसको उसने दीवार पर लगा दिया और, रात मैं असली बेल का पत्ता गिर गया लेकिन जो Painting उस पत्ते की Berhman ने बनाई थी वह उसकी सबसे अच्छी painting थी जो आखिर में उसने बना ही ली थी लेकिन बाहर सर्दी में रहकर पेंटिंग करने से उसको Pneumonia हो गया और वह मर गया|

Note: यहाँ पर Exam Point of view से इस Article को सिर्फ और सिर्फ अच्छे से समझने के लिए लिखा गया है. इसमें कोई गलती ना हो इसका पूरा पूरा ध्यान रखा गया है फिर भी अगर कुछ रह जाये या कुछ गलत तथ्य पाए जाये तो लेखक या Website owner इसका कतई जुम्मेदार नहीं है|


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